भारतीय Defence sector इस समय रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 2025-26 के बजट में 6.81 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जो पिछले साल से 9.5 प्रतिशत ज्यादा है । इसमें से लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए रखे गए हैं ताकि आधुनिक डिफेंस इकाइयों, विमान, हेलिकॉप्टर और हथियार निर्माण में तेजी लाई जा सके। सरकार रक्षा निर्यात बढ़ाने, एआई और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसी नई तकनीकों को अपनाने पर खास ध्यान दे रही है
Defence sector में सबसे बड़ा आर्डर बुक वाला PSU
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इस समय भारत की सबसे बड़ी Defence sector कंपनी के रूप में शीर्ष पर है। 2025 में इसका ऑर्डर बुक ₹1.89 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़ के करीब पहुंच गया है । इसे 97 अतिरिक्त LCA तेजस Mk-1A विमानों के लिए ₹67,000 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। कंपनी वर्तमान में ALH ध्रुव, लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (LUH), सुखोई-30 एमकेआई अपग्रेड और RD-33 इंजन प्रोजेक्ट जैसे कई प्रमुख काम संभाल रही है। साथ ही HAL का भविष्य का ऑर्डर पाइपलाइन लगभग ₹4.5 लाख करोड़ के आस-पास हो सकता है, जिसमें तेजस Mk-II, TEDBF और AMCA जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं
BEL और Mazagon Dock की स्थिति
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने भी अपने ऑर्डर बुक को ₹74,859 करोड़ तक बढ़ा लिया है । हाल ही में BEL ने भारतीय सेना को फायर कंट्रोल राडार सप्लाई करने के लिए रक्षा मंत्रालय के साथ ₹1,640 करोड़ का अनुबंध किया है। कंपनी रडार, संचार प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम में महारत रखती है। वहीं मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) नौसेना के जहाजों और पनडुब्बियों के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रही है । यह कंपनी “मेक इन इंडिया” कार्यक्रम के तहत आत्मनिर्भर नौसैनिक निर्माण में सहयोग दे रही है
उच्च रिटर्न वाले PSU शेयर
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2025 में HAL, BEL और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) जैसे शेयरों ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिए हैं। HAL का पांच वर्षीय CAGR 65.5 प्रतिशत और BEL का 66.8 प्रतिशत रहा है । कोचीन शिपयार्ड का CAGR 64.6 प्रतिशत के करीब है। ये आंकड़े बताते हैं कि रक्षा सार्वजनिक उपक्रम (PSU) में निवेश करने वाले निवेशकों को लंबी अवधि में दमदार कमाई मिली है। सरकार की आक्रामक नीतियां, रक्षा निर्यात में वृद्धि और स्वदेशी तकनीक पर ध्यान इन कंपनियों की ग्रोथ को और मजबूत बना रहे हैं।
सरकार का भी फुल सपोर्ट
सरकार ने 2025 को “वर्ष ऑफ रिफॉर्म” के रूप में घोषित किया है, जिससे रक्षा क्षेत्र में R&D और इंडिजेनाइजेशन पर अधिक फोकस हो रहा है । आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने और स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने की नीति लागू की जा रही है। इससे रक्षा PSUs को न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक बाजारों से भी नए ऑर्डर मिल रहे हैं। आने वाले वर्षों में तेजस, प्रचंड हेलिकॉप्टर और अगली पीढ़ी के युद्धक सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट्स भारत को रणनीतिक रूप से मजबूत बनाएंगे और इन शेयरों में निवेशकों को स्थायी लाभ की संभावना देंगे
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